नई दिल्ली। दिल्ली के कनॉट प्लेस पर कॉकरोच जनता पार्टी के ‘लहरा दो तिरंगा’ अभियान पर दिल्ली पुलिस ने रोक लगा दी है। शुक्रवार को पुलिस ने सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके को घर जाकर नोटिस थमाया है। साथ ही कनॉट प्लेस में धारा 163 लागू कर दी है और NDMC ने सेंट्रल पार्क को दो दिन के लिए बंद कर दिया है।
दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दीपके को दिया नोटिस
बता दें कि सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके ने आज दिल्ली के कनॉट प्लेस से सेंट्रल पार्क में लहरा दो तिरंगा अभियान का एलान किया था। सीजेपी के इस आवाहन से पहले ही दिल्ली पुलिस ने घर जाकर अभिजीत दीपके को नोटिस और दिया और कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क पर मल्टी लेयर बैरिकेडिंग लगाकर कड़ा पहरा लगा दिया है।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई 1978 की धारा 29 के तहत की गई है, जो पुलिस को सार्वजनिक निर्देश देने का अधिकार प्रदान करती है। इस धारा के तहत, पुलिस कमिश्नर और इंस्पेक्टर रैंक से ऊपर के अधिकारी सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए आम लोगों को मौखिक या लिखित निर्देश जारी कर सकते हैं, जो कानून के दायरे में होने चाहिए।
दिल्ली पुलिस की नोटिस में क्या-क्या लिखा?
दिल्ली पुलिस ने सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके को जो नोटिस सौंपा है, उसमें दिल्ली पुलिस के पास संरक्षित अधिकारों का उल्लेख किया गया है, जिसके तहत सीजेपी द्वारा किए जा रहे ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च को रोका गया है।
1- सड़कों पर जुलूस या सभा में शामिल लोगों के व्यवहार और गतिविधियों को नियंत्रित करना।
जुलूस किन रास्तों से और किस समय गुजर सकता है, यह तय करना।
2- जुलूस, सभाओं, धार्मिक स्थलों के आसपास और भीड़भाड़
वाले सार्वजनिक स्थानों पर आने वाले अवरोध को रोकना।
3- सड़कों, मेलों, मंदिरों, मस्जिदों, गुरुद्वारों, चर्चों और अन्य सार्वजनिक या धार्मिक
स्थलों पर व्यवस्था बनाए रखना।
4- संगीत और शोर नियंत्रित करना: सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर संगीत, गाने, ढोल और अन्य शोर करने वाले उपकरणों के इस्तेमाल को नियंत्रित करना।
5- ऊपर दिए गए आदेशों को लागू करने और उनके
उद्देश्य को पूरा करने के लिए उचित निर्देश जारी करना।