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डिजिटल भुगतान: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने पेश किया यूपीआई का विकल्प
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने सदस्य देशों के सामने यूपीआई पेमेंट सिस्टम को अपनाने का एक नया प्रस्ताव रखा है।
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Ankit Yadav
13 सित 2026, 19:34
ब्रिक्स देशों के हालिया शिखर सम्मेलन में वैश्विक आर्थिक व्यवस्था और डिजिटल भुगतान को लेकर एक महत्वपूर्ण चर्चा सामने आई है। भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने सम्मेलन में भाग ले रहे विभिन्न सदस्य देशों के समक्ष भारत के स्वदेशी यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस यानी यूपीआई पेमेंट सिस्टम को अपनाने का ठोस प्रस्ताव रखा है। इस कदम को वैश्विक वित्तीय मोर्चे पर भारत की बढ़ती तकनीकी ताकत और डिजिटल साक्षरता के प्रसार के रूप में देखा जा रहा है।
डॉलर के वर्चस्व को चुनौती
ब्रिक्स समूह के नेता लंबे समय से वैश्विक व्यापार में अमेरिकी डॉलर के प्रभुत्व को कम करने के तरीकों पर विचार कर रहे हैं। ऐसे समय में जब कई उभरती अर्थव्यवस्थाएं अपनी स्थानीय मुद्राओं में व्यापार करने और वैकल्पिक भुगतान प्रणालियों को बढ़ावा देने के प्रयास कर रही हैं, भारत का यह यूपीआई प्रस्ताव बेहद सामयिक माना जा रहा है। भारत में इस तकनीक ने जिस तरह से वित्तीय लेनदेन को सुगम, सुरक्षित और पारदर्शी बनाया है, उसकी गूंज अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी सुनाई दे रही है।
सम्मेलन के दौरान विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने इस डिजिटल प्लेटफॉर्म की कार्यप्रणाली और उसकी व्यापक पहुंच में गहरी रुचि दिखाई है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने अपने संबोधन के दौरान इस बात पर जोर दिया कि कैसे डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर ने भारत के दूरदराज के इलाकों में भी वित्तीय समावेशन को संभव बनाया है। यदि ब्रिक्स के अन्य सदस्य देश इस प्रस्ताव पर आगे बढ़ते हैं, तो यह वैश्विक वित्तीय परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। उत्तर प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों में जिस तरह से छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े व्यापारियों तक ने यूपीआई को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाया है, उसकी सफलता की कहानी अब वैश्विक स्तर पर भी साझा की जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती स्वीकार्यता
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की तकनीक से न केवल देशों के बीच सीमा पार लेनदेन तेज होंगे, बल्कि बिचौलियों पर निर्भरता भी कम होगी। सिंगापुर, यूएई और फ्रांस जैसे देशों के साथ पहले ही भारत के डिजिटल भुगतान सिस्टम को जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण समझौते हो चुके हैं। अब ब्रिक्स मंच पर इस प्रस्ताव के रखे जाने से दुनिया के अन्य बड़े बाजारों तक भी इसकी पहुंच आसान होने की उम्मीद है। सम्मेलन में मौजूद अन्य नेताओं ने इस तकनीक के तकनीकी पहलुओं और सुरक्षा मानकों की सराहना की है।
आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि ब्रिक्स देश इस प्रस्ताव को किस प्रकार आगे बढ़ाते हैं और आपसी व्यापारिक समझौतों में डिजिटल मुद्रा या भुगतान प्रणालियों को कितना महत्व देते हैं। भारत की ओर से यह पहल एक आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से उन्नत अर्थव्यवस्था की मजबूत छवि को दर्शाती है, जिससे देश के वैश्विक प्रभाव में भी वृद्धि होने की पूरी संभावना है। उत्तर प्रदेश और देश भर के तकनीकी विशेषज्ञों तथा व्यापारियों के बीच इस खबर को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है, क्योंकि यह देश की घरेलू तकनीकी उपलब्धियों को वैश्विक मान्यता दिलाने की दिशा में एक और बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकता है।