कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
PM बोले-कुछ लोग विदेशों में भारत को बदनाम कर रहे: कांग्रेस कब तक अपने फेल प्रोडक्ट की लॉन्चिंग के लिए देश क...      मुझे गालियां पड़ेंगी, लेकिन...; योगेंद्र यादव ने कहा- अभी मोदी का इस्तीफा नहीं चाहते लोग      अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का जामनगर जाना क्या भारत की अहमियत बताता है?      फ़्रांस के राष्ट्रपति विदेशी नेताओं पर भड़के, 'इस्लामी और प्रवासी भीड़' के आरोप पर दिया जवाब      सऊदी अरब में दो बांग्लादेशियों को मौत की सज़ा दिए जाने से जुड़े वे सवाल जो हैं अनसुलझे      ‘CJP प्रोटेस्ट के लिए फंडिंग कहां से आती है?’ RSS के Indresh Kumar ने उठाए सवाल      Tiger Shroff Attack Case में बड़ा खुलासा, वारदात से पहले शूटरों ने की थी बंदूक चलाने की प्रैक्टिस, हुआ था म      दिल्ली में AAP और कांग्रेस की पार्षद भिड़ीं, MCD सदन में खींचतान के बाद आई हाथापाई की नौबत     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
देश

हरित पहल: साबरमत से देश की पहली एलएनजी ट्रेन की शुरुआत

भारतीय रेलवे ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए साबरमती से देश की पहली एलएनजी संचालित ट्रेन का परिचालन शुरू कर दिया है। इस नई हरित रेलगाड़ी के जरिए प्रदूषण कम करने और वैकल्पिक ईंधनों के उपयोग को बढ़ावा देने की योजना पर काम हो रहा है।

A
Ankit Yadav
28 सित 2026, 15:49
हरित पहल: साबरमत से देश की पहली एलएनजी ट्रेन की शुरुआत

साबरमती से आरंभ हुई एलएनजी सेवा भारतीय परिवहन क्षेत्र में एक ऐतिहासिक अध्याय जोड़ते हुए साबरमती स्टेशन से देश की सबसे पहली लिक्विफाइड नेचुरल गैस यानी एलएनजी से चलने वाली रेलगाड़ी को आधिकारिक तौर पर रवाना किया गया है। इस अभिनव प्रयास का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक डीजल इंजनों पर निर्भरता को कम करना और पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने वाले कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी लाना है। इस विशेष हरित रेलगाड़ी की आंतरिक बनावट और तकनीकी विशेषताओं को आधुनिक मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है ताकि यात्रियों को एक सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल सफर का अनुभव मिल सके। रेलवे प्रशासन द्वारा इस परियोजना की सफलता के लिए कई महीनों से तकनीकी परीक्षण और सुरक्षा जाँच की जा रही थी, जिसके बाद आखिरकार इसे पटरियों पर उतारने का निर्णय लिया गया। इस सेवा के शुरू होने से न केवल ऊर्जा दक्षता में सुधार होगा बल्कि रेलवे के ईंधन खर्च में भी काफी हद तक बचत होने की उम्मीद जताई जा रही है, जो देश के सार्वजनिक परिवहन ढांचे के लिए एक सकारात्मक बदलाव साबित होगा।

हरित ईंधन और रेलवे की प्राथमिकताएं वैश्विक स्तर पर जलवायु परिवर्तन की गंभीर चुनौतियों से निपटने के लिए परिवहन प्रणालियों में स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों का उपयोग अब अनिवार्य हो गया है। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए भारतीय रेलवे ने फॉसिल फ्यूल यानी जीवाश्म ईंधन के विकल्पों की तलाश तेज कर दी है जिसके तहत प्राकृतिक गैस और एलएनजी आधारित इंजनों को विकसित किया जा रहा है। साबरमती से शुरू हुई इस रेल सेवा के माध्यम से देश भर में हरित परिवहन नेटवर्क के विस्तार की एक मजबूत नींव रखी गई है। इस प्रकार की तकनीकी प्रणालियों के संचालन से रेलवे के आधुनिकीकरण को भी बल मिलता है और देश अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लक्ष्यों को प्राप्त करने की ओर तेजी से अग्रसर होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों से हटकर गैस आधारित तकनीक अपनाने से न केवल पर्यावरण साफ-सुथरा रहेगा बल्कि रेलवे के भारी भरकम परिचालन बजट पर पड़ने वाला दबाव भी कम होगा। इस परियोजना के पीछे देश के इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों की लंबी मेहनत जुड़ी है जिन्होंने सुरक्षा के सभी पैमानों को ध्यान में रखते हुए इस प्रणाली को धरातल पर उतारा है।

भविष्य की योजनाएं और व्यापक प्रभाव साबरमती से आरंभ की गई इस पहली एलएनजी ट्रेन के सफल संचालन के बाद आने वाले समय में देश के अन्य महत्वपूर्ण रेल मार्गों पर भी इस तकनीक का विस्तार किए जाने की पूरी संभावना है। रेलवे बोर्ड और संबंधित तकनीकी विभाग इस पायलट प्रोजेक्ट के परिणामों का बारीकी से अध्ययन कर रहे हैं ताकि भविष्य में शुरू होने वाली ऐसी अन्य परियोजनाओं की रूपरेखा को और अधिक बेहतर बनाया जा सके। देश भर में स्वच्छ ऊर्जा गलियारों के विकास से न केवल रेलवे की छवि एक पर्यावरण हितैषी संस्थान के रूप में उभरेगी बल्कि यह दूसरे उद्योगों के लिए भी एक मिसाल कायम करेगा। आने वाले दिनों में एलएनजी रीफिलिंग स्टेशनों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा ताकि इन ट्रेनों का संचालन बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से जारी रह सके। यात्रियों और पर्यावरणविदों दोनों की तरफ से इस नई पहल की सराहना की जा रही है क्योंकि यह देश को प्रदूषण मुक्त परिवहन की ओर ले जाने में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज