गाजियाबाद आरपीओ में वाक-इन पूछताछ सेवाओं पर अस्थायी रोक
गाजियाबाद के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय में पासपोर्ट से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने आने वाले नागरिकों के लिए नियमों में बदलाव किया गया है। अधिकारियों द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार अब 13 नवंबर तक कार्यालय में बिना किसी पूर्व बुकिंग के सीधे पहुंचने वाले लोग पूछताछ नहीं कर पाएंगे। इस तय समय सीमा के दौरान केवल वही प्रक्रियाएं सुचारू रूप से चलेंगी जो पूरी तरह से ऑनलाइन अपॉइंटमेंट पर आधारित होंगी। जो लोग बिना समय लिए कार्यालय पहुंचेंगे उन्हें केवल उनकी फाइल की मौजूदा स्थिति के बारे में ही संक्षिप्त जानकारी दी जाएगी। ऐसे मामलों में फाइल से जुड़ी आवश्यक कानूनी या कागजी कार्रवाई को पूरा करने के लिए संबंधित व्यक्ति को एक बार फिर से किसी अन्य दिन कार्यालय के चक्कर काटने पड़ सकते हैं। इसलिए प्रशासन की तरफ से सभी नागरिकों को स्पष्ट रूप से यह सलाह दी गई है कि वे घर से निकलने से पहले ही आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपनी सुविधा के अनुसार समय बुक कर लें।
ऑनलाइन अपॉइंटमेंट की अनिवार्यता और अधिकारियों के निर्देश
क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी संजना आर्य ने इस पूरी व्यवस्था के बारे में विस्तार से बताते हुए नागरिकों से विशेष अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि बिना समय निर्धारित किए कार्यालय आने वाले आवेदकों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। यदि कोई नागरिक बिना अपॉइंटमेंट के पहुंचता है तो उसकी फाइल की स्थिति तो बता दी जाएगी लेकिन आगे के कार्य के लिए उसे दोबारा आना होगा। इस असुविधा से बचने के लिए आवेदकों के वास्ते यह जरूरी कर दिया गया है कि वे पासपोर्ट सेवा की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करें। वेबसाइट पर लाग इन करने के बाद उपलब्ध समय स्लॉट को चुनकर ही अपना अपॉइंटमेंट पक्का करें। ऐसा करने से कार्यालय में आने वाले लोगों को किसी भी प्रकार की लंबी कतारों या अनावश्यक देरी का सामना नहीं करना पड़ेगा और वे तय समय पर अपनी प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। यह विशेष प्रतिबंध और नियम केवल और केवल पूछताछ से जुड़ी वाक-इन सेवाओं पर ही लागू होता है ताकि कार्यालय का कामकाज सुचारू रहे।
नगर निगम के निर्माण कार्यों में गोबर पेंट का अनिवार्य इस्तेमाल
स्थानीय स्तर पर पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए नगर निगम ने भी एक अनूठा और कड़ा कदम उठाया है। नगर निगम अपने द्वारा तैयार किए जाने वाले गोबर पेंट की खपत को बाजार में काफी हद तक बढ़ाने जा रहा है। इसके लिए अब शहर में होने वाले सभी प्रकार के निर्माण कार्यों के टेंडर की शर्तों में इसका प्रयोग अनिवार्य रूप से शामिल किया जा रहा है। निगम के जितने भी नए निर्माण प्रोजेक्ट आएंगे उनकी दीवारों की पुताई का कार्य केवल इसी पेंट से किया जाएगा। इसके लिए सभी ठेकेदारों को यह निर्देश दिए गए हैं कि वे नंदी पार्क गोशाला में स्थित प्लांट से ही इस गोबर पेंट की खरीद करें। नगर निगम के मुख्य अभियंता एनके चौधरी ने इस पूरी योजना की पुष्टि करते हुए बताया कि इस नई शर्त को अब हर टेंडर दस्तावेज का एक मुख्य हिस्सा बनाया जा रहा है। आपको बता दें कि नगर निगम ने इस विशेष प्लांट को स्थापित करने के लिए लगभग पचास लाख रुपये की बड़ी राशि खर्च की थी ताकि प्राकृतिक और पर्यावरण के अनुकूल पेंट का उत्पादन बड़े पैमाने पर किया जा सके।