कोलकाता में होने वाला आगामी प्रवासी सम्मेलन
अगले साल पश्चिम बंगाल के कोलकाता शहर में 19वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन का आयोजन तय किया गया है। विदेश मंत्रालय की ओर से दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक यह महत्वपूर्ण तीन दिवसीय सम्मेलन आगामी 7 जनवरी से शुरू होकर 9 जनवरी 2027 तक चलेगा। इस बड़े आयोजन की रूपरेखा को अंतिम रूप देते हुए विदेश मंत्रालय और पश्चिम बंगाल की राज्य सरकार मिलकर काम कर रहे हैं। देश और दुनिया भर में फैले हुए भारतीय समुदाय के लोगों के बीच आपसी संपर्क को अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से इस प्रमुख मंच को तैयार किया जाता है। इस वार्षिक या द्विवार्षिक प्रक्रिया के जरिए विदेशों में निवास करने वाले भारतीय मूल के तमाम नागरिक भारत सरकार के नुमाइंदों के साथ सीधे संवाद स्थापित करते हैं। इसके अलावा विभिन्न कार्यक्षेत्रों में अपनी मेहनत के दम पर सफलता हासिल करने वाले ये लोग अपने अनुभव और खास विशेषज्ञता को भी साझा करते हैं।
प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की विशेष उपस्थिति
आगामी इस बड़े राष्ट्रीय आयोजन का औपचारिक उद्घाटन देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करकमलों द्वारा संपन्न किया जाएगा। वहीं दूसरी ओर देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इस सम्मेलन के दौरान प्रतिष्ठित प्रवासी भारतीय सम्मान प्रदान करेंगी और समापन सत्र की अध्यक्षता भी संभालेंगी। इस पूरे आयोजन के दौरान विशेष रूप से युवा प्रवासी भारतीय दिवस का भी आयोजन किया जाएगा ताकि नई पीढ़ी को जोड़ा जा सके। इस विशेष युवा सत्र में दुनिया भर के विभिन्न हिस्सों से आए हुए भारतीय समुदाय के युवा नेता, नामी उद्यमी, पेशेवर विशेषज्ञ, शिक्षाविद और बड़े नवोन्मेषक बड़ी संख्या में अपनी हिस्सेदारी निभाएंगे। इस सम्मेलन के जरिए सभी प्रवासी सदस्यों को उनके विशेष ज्ञान, हुनर और अनुभव को देश के समग्र विकास के साथ सीधे तौर पर जोड़ने का एक उपयुक्त और बड़ा मंच प्रदान किया जाता है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और पिछला आयोजन
प्रवासी भारतीय दिवस हर साल तयशुदा तारीख यानी 9 जनवरी के दिन बहुत धूमधाम के साथ मनाया जाता है। इस विशेष दिन को मनाने के पीछे का मुख्य ऐतिहासिक कारण महात्मा गांधी का दक्षिण अफ्रीका से लौटकर स्वदेश आना है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी 9 जनवरी 1915 को दक्षिण अफ्रीका की यात्रा समाप्त कर भारत लौटे थे जिसकी याद में यह आयोजन होता है। बदलते समय के साथ अब इस प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन का आयोजन हर दो साल में एक बार किया जाने लगा है। इससे पहले इसका 18वां संस्करण 8 से 10 जनवरी 2025 के दौरान ओडिशा के भुवनेश्वर शहर में सफलता पूर्वक आयोजित किया गया था। भुवनेश्वर में हुए उस पिछले सम्मेलन का केंद्रीय विषय डायस्पोरा का कॉन्ट्रिब्यूशन टू ए विकसित भारत रखा गया था जो देश की प्रगति में प्रवासियों के योगदान को रेखांकित करता है।