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सेमीकंडक्टर क्रांति: प्रधानमंत्री मोदी गुरुवार को यशोभूमि में 5वें सेमीकॉन इंडिया-2026 का करेंगे उद्घाटन
देश में तकनीकी और सेमीकंडक्टर विनिर्माण को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी गुरुवार को दिल्ली के यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में 5वें सेमीकॉन इंडिया-2026 का आधिकारिक शुभारंभ करेंगे। इस कार्यक्रम में देश-विदेश के दिग्गज उद्योगपति और विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं।
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Ankit Yadav
16 सित 2026, 10:49
भारतीय प्रौद्योगिकी और तकनीकी विनिर्माण क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर साबित होने वाले इस महत्वपूर्ण आयोजन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र स्थित यशोभूमि में पांचवें सेमीकॉन इंडिया-2026 सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर हब के रूप में स्थापित करना और घरेलू स्तर पर चिप निर्माण को बढ़ावा देना है। इस भव्य आयोजन में दुनियाभर की जानी-मानी टेक कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, निवेशक, शोधकर्ता और नीति निर्माता एक मंच पर एकत्र होंगे, जहां वे आधुनिक तकनीक और सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के विकास पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
सेमीकंडक्टर विनिर्माण में आत्मनिर्भरता की ओर कदम
भारत सरकार पिछले कुछ वर्षों से चिप डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सेमीकॉन इंडिया सम्मेलन इस दिशा में एक बड़ा मंच प्रदान करता है, जहां उद्योग जगत के दिग्गजों को सरकार की नीतियों के साथ जोड़ने और नए निवेश आकर्षित करने का अवसर मिलता है। इस पांचवें संस्करण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमोटिव चिप्स और नेक्स्ट-जेनरेशन इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़े विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के आयोजनों से देश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और तकनीकी शिक्षा को भी एक नया आयाम मिलेगा।
यशभूमि में जुटेगी वैश्विक तकनीकी दिग्गज हस्तियां
द्वारका स्थित यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर अपनी अत्याधुनिक सुविधाओं के लिए जाना जाता है, जो इस तरह के अंतरराष्ट्रीय स्तर के सम्मेलनों की मेजबानी के लिए पूरी तरह उपयुक्त है। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि सरकार आने वाले समय में चिप निर्माण के क्षेत्र में किस प्रकार के नीतिगत प्रोत्साहन और वित्तीय सहायता प्रदान करने जा रही है। दुनिया भर में सप्लाई चेन के विविधीकरण के बीच, भारत को एक भरोसेमंद और सुरक्षित विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। वैश्विक निवेशक भी भारतीय बाजार में अपनी गहरी रुचि दिखा रहे हैं, जिसका प्रमाण इस सम्मेलन में मिलने वाली भारी भागीदारी है।
आने वाले दिनों में इस सम्मेलन के सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं, जिससे देश की अर्थव्यवस्था और तकनीकी क्षमताओं को और मजबूती मिलेगी। सम्मेलन के सफल आयोजन से वैश्विक स्तर पर यह संदेश जाएगा कि भारत अब केवल प्रौद्योगिकी का उपभोक्ता नहीं, बल्कि उसका एक प्रमुख निर्माता और निर्यातक बनने की राह पर तेजी से अग्रसर है। सभी की निगाहें अब प्रधानमंत्री के संबोधन और इस मंच से होने वाली बड़ी घोषणाओं पर टिकी हुई हैं, जो भारतीय तकनीकी परिदृश्य का भविष्य तय करेंगी।