थाईलैंड में रचाई गई फर्जी शादी
विदेश की एक महिला के साथ एक बड़े धोखे का मामला सामने आया है जहाँ एक व्यक्ति ने खुद को अविवाहित बताकर थाईलैंड में उससे विवाह रचाया। शादी के बाद उस व्यक्ति ने विभिन्न बहानों से उस विदेशी महिला से कुल साठ लाख रुपये की भारी-भरकम राशि ऐंठ ली। महिला अपने पति के साथ बहुत उम्मीदें लेकर भारत आई थी ताकि वह अपना नया जीवन शुरू कर सके, लेकिन यहाँ आते ही उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। पति का असली चेहरा सामने आने के बाद महिला पूरी तरह टूट गई और न्याय के लिए उसकी आँखें नम हो गईं। किसी को इस बात की भनक तक नहीं थी कि विदेश में रचा गया यह रिश्ता पूरी तरह से एक सुनियोजित झूठ और धोखाधड़ी पर आधारित था। महिला ने जब यहाँ आकर पूरी सच्चाई का पता लगाया तो उसे समझ आया कि उसके साथ एक बहुत बड़ा आर्थिक और मानसिक धोखा हुआ है। आरोपी ने अपनी पहली पहचान छुपाकर विदेशी महिला को अपने जाल में फंसाया और उसकी गाढ़ी कमाई को हड़प लिया।
भारत पहुंचते ही खुला तीन बच्चों के बाप का राज
भारत की यात्रा पर आने के बाद विदेशी पत्नी को अपने पति की असलियत का एक झटके में पता चल गया। उसे पता चला कि उसका जीवनसाथी जिसे वह कुंवारा समझ रही थी, वास्तव में पहले से ही शादीशुदा है और उसके तीन बच्चे भी हैं। इस भयानक खुलासे के बाद महिला के होश उड़ गए और वह अपनी इस ठगी गई जिंदगी पर फूट-फूटकर रोने लगी। आरोपी ने अपनी शादीशुदा जिंदगी और बच्चों की बात महिला से पूरी तरह छुपाकर रखी थी ताकि वह आसानी से उससे पैसे ऐंठ सके। विदेशी पत्नी ने जब पति के परिवार और उसके पुराने जीवन के बारे में पड़ताल की तो सारे कागजात और सच सामने आ गए। इतने बड़े खुलासे के बाद आरोपी पति के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं बचा और उसकी पोल सबके सामने खुल गई। महिला ने इस धोखे के खिलाफ आवाज उठाई और अपनी जमापूंजी वापस पाने के लिए संघर्ष शुरू कर दिया। इस प्रकार की ठगी के मामलों ने समाज में एक बार फिर से सुरक्षा और रिश्तों में भरोसे को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विवाह के नाम पर धोखाधड़ी और कानूनी पहलू
इस प्रकार के वैवाहिक धोखे और वित्तीय धोखाधड़ी के मामले समाज में तेजी से चिंता का विषय बनते जा रहे हैं जहाँ लोग झूठी पहचान बनाकर भोले-भाले इंसानों को अपना शिकार बनाते हैं। ऐसे मामलों में कानूनी प्रावधानों के तहत आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठती है ताकि भविष्य में कोई दूसरा व्यक्ति इस तरह के जाल में न फंसे। किसी भी रिश्ते में बंधने से पहले एक-दूसरे की पृष्ठभूमि की पूरी जांच करना और कानूनी दस्तावेजों की पुष्टि करना अत्यंत आवश्यक हो जाता है ताकि इस तरह की ठगी से बचा जा सके। जब कोई विदेशी नागरिक भारत आता है और उसे इस तरह के आपराधिक षड्यंत्र का सामना करना पड़ता है, तो इससे देश की छवि पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। पीड़ित महिला को अब पुलिस और न्याय प्रणाली से ही एकमात्र उम्मीद बची है कि उसे उसके साठ लाख रुपये वापस मिल सकें और दोषी को सजा मिले। ऐसे मामलों में समाज के हर वर्ग को जागरूक होने की जरूरत है ताकि ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही माध्यमों से हो रहे फर्जी विवाहों के गोरखधंधे पर रोक लगाई जा सके।