सेंट एण्ड्रयूज कॉलेज में वाद विवाद का आयोजन
बुधवार के दिन शहर के प्रमुख शिक्षण संस्थान सेंट एण्ड्रयूज कॉलेज के बीएड विभाग के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण बौद्धिक कार्यक्रम का सफलतापूर्वक संचालन किया गया। यह संपूर्ण आयोजन सेवा संकल्प अभियान के दायरे में संपन्न हुआ जिसमें देश के शैक्षिक भविष्य और प्रशासनिक ढांचे से जुड़े अहम मुद्दों पर खुलकर विचार रखे गए। कार्यक्रम के दौरान एक विशेष वाद-विवाद प्रतियोगिता का मंच सजाया गया जिसका मुख्य केंद्रीय विषय विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत की अवधारणा से जुड़ा हुआ था। इस अकादमिक मुकाबले का मुख्य और निर्धारित विषय एक राष्ट्र और एक बोर्ड था जिसके तहत यह चर्चा की गई कि क्या इस तरह की व्यवस्था हमारे देश के समग्र विकास के लिए पूरी तरह से उचित है या नहीं। इस बौद्धिक मंथन में भाग लेने के लिए कॉलेज के कुल सोलह छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक अपना पंजीकरण कराया और प्रतियोगिता के मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस पूरी प्रतियोगिता की एक बड़ी विशेषता यह रही कि इसमें हिंदी और अंग्रेजी दोनों ही माध्यमों के विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का पूरा अवसर प्रदान किया गया जिससे हर वर्ग के छात्र ने इसमें समान रूप से अपनी हिस्सेदारी सुनिश्चित की।
निर्णायक मंडल की भूमिका और विजेताओं के नाम
प्रतियोगिता के दौरान निष्पक्ष मूल्यांकन और परिणामों की घोषणा के लिए दो वरिष्ठ और अनुभवी शिक्षकों को निर्णायक मंडल की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अंग्रेजी विभाग की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर शिबा हिमानी शर्मा और हिंदी विभाग के प्रोफेसर सुशील कुमार राय ने अपनी पैनी नजर से सभी प्रतिभागियों के तर्कों का आकलन किया और बेहतरीन निर्णय दिए। अंग्रेजी माध्यम से अपनी बात रखने वाले प्रतियोगियों में आमिर रजा ने श्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसी माध्यम में कविता वीर चौधरी ने अपनी मजबूत दावेदारी पेश करते हुए द्वितीय स्थान पर कब्जा जमाया जबकि शिखा राय ने तीसरा स्थान हासिल किया। दूसरी ओर हिंदी माध्यम के अंतर्गत अपनी प्रस्तुतियां देने वाले विद्यार्थियों में शिवम श्रीवास्तव ने बाजी मारते हुए पहला स्थान प्राप्त किया। हिंदी वर्ग में ही सुहानी ने अपनी योग्यता का लोहा मनवाते हुए दूसरा स्थान अपने नाम किया और साजिदा बानो तीसरे स्थान पर रहीं। इसके अतिरिक्त उज्मा आफरीन को उनके विशेष प्रयास के लिए सांत्वना पुरस्कार से नवाजा गया ताकि उनका हौसला हमेशा बढ़ता रहे।
मार्गदर्शन और प्रमाण पत्र वितरण का कार्यक्रम
इस बड़े शैक्षणिक आयोजन को सफल बनाने के पीछे कॉलेज प्रशासन और विभाग के कई वरिष्ठ शिक्षकों का महत्वपूर्ण मार्गदर्शन और सहयोग शामिल रहा है। यह पूरा कार्यक्रम संस्थान की प्राचार्या प्रोफेसर आरएन सैमुअल के स्पष्ट निर्देशों के तहत और बीएड विभाग की डॉक्टर सुषमा श्रीवास्तव के प्रत्यक्ष मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। इस आयोजन की सफलता को सुनिश्चित करने के लिए रश्मि प्रभा शुक्ला, डॉक्टर सुचिता एलियास और डॉक्टर मोनी जेवियर जैसी वरिष्ठ फैकल्टी सदस्यों ने अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दी और हर स्तर पर पूरा सहयोग प्रदान किया। प्रतियोगिता के अंत में एक सादे लेकिन गरिमापूर्ण समारोह के दौरान सभी विजयी और प्रतिभागी विद्यार्थियों को मंच पर आमंत्रित किया गया। महाविद्यालय के जिम्मेदार अधिकारियों और शिक्षकों ने इन सभी छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र प्रदान किए और उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। इस प्रकार यह बौद्धिक कार्यक्रम छात्र-छात्राओं के लिए अपने विचार व्यक्त करने और अपनी वैचारिक क्षमताओं को निखारने का एक बेहतरीन माध्यम साबित हुआ।