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विकसित भारत का विजन: प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले से देश के विकास के लिए 'सप्तधारा' का खाका किया पेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए सात सूत्रीय रोडमैप 'सप्तधारा' का अनावरण किया है।

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Kantap News डेस्क
17 अग 2026, 17:32
विकसित भारत का विजन: प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले से देश के विकास के लिए 'सप्तधारा' का खाका किया पेश
लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के भविष्य के आर्थिक और सामाजिक विकास का एक व्यापक और दूरदर्शी खाका देश के सामने रखा। वर्ष 2047 तक भारत को एक 'विकसित राष्ट्र' के रूप में स्थापित करने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए उन्होंने 'सप्तधारा' नामक सात प्रमुख धाराओं की घोषणा की। इस नई रूपरेखा में विनिर्माण शक्ति, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, आधुनिक तकनीक व नवाचार, गति शक्ति बुनियादी ढांचा, और रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता जैसे अति महत्वपूर्ण क्षेत्रों को शामिल किया गया है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि इन सात स्तंभों पर चलकर ही भारत आगामी दशकों में वैश्विक अर्थव्यवस्था में अपनी स्थिति को और अधिक मजबूत और अजेय बना सकता है।

आर्थिक आत्मनिर्भरता और औद्योगिक विकास

सप्तधारा के तहत विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए विशेष रणनीतियां बनाई जा रही हैं ताकि भारत वैश्विक सप्लाई चेन का एक प्रमुख केंद्र बन सके। इसके साथ ही कृषि और उससे जुड़े उद्योगों में आधुनिक तकनीकों का समावेश करकेकिसानों की आय को दोगुना करने और खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश अब अपनी सुरक्षा जरूरतों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहने के बजाय स्वदेशी तकनीक और हथियारों के निर्माण पर तेजी से काम कर रहा है। गति शक्ति मास्टर प्लान के जरिए लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने और देश के कोने-कोने को तेज परिवहन माध्यमों से जोड़ने का कार्य भी इस विजन का एक अनिवार्य हिस्सा है।

युवाओं और तकनीक पर आधारित भविष्य

इस व्यापक रोडमैप में प्रौद्योगिकी और नवाचार को युवाओं की रचनात्मकता के साथ जोड़कर एक नए युग की शुरुआत करने का आह्वान किया गया है। डिजिटल क्रांति और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में भारत की बढ़ती भूमिका को देखते हुए यह 'सप्तधारा' ब्लूप्रिंट देश के नीति निर्माताओं और उद्योग जगत के लिए एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस सात सूत्रीय योजना को सही समयबद्ध तरीके से लागू किया गया, तो भारत दुनिया की सबसे शक्तिशाली और प्रगतिशील अर्थव्यवस्थाओं में अग्रिम पंक्ति में खड़ा होगा।
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